नहीं होना बीमार Class 7 Chapter 5 Summary Nahi Hona Bimar Malhar Hindi Explanation

नहीं होना बीमार लेखक स्वयं प्रकाश द्वारा लिखी गई एक शिक्षाप्रद कहानी है। यह कहानी एक छोटे बच्चे की सोच, उसकी कल्पना और उसके अनुभवों के माध्यम से यह संदेश देती है कि बीमारी कभी सुखद नहीं होती और झूठ बोलकर किसी काम से बचने का प्रयास परेशानी का कारण बनता है।

यहाँ आपको हम नहीं होना बीमार Chapter 5 Summary दे रहे हैं जो आपको chapter को revise करने में काफी helpful होगा।

लेखक परिचय

स्वयं प्रकाश हिंदी के प्रसिद्ध और लोकप्रिय कहानीकार थे। उनकी कहानियाँ बच्चों और बड़ों दोनों को समान रूप से पसंद आती हैं। उनकी रचनाओं में सरल भाषा, रोचक घटनाएँ और जीवन से जुड़े वास्तविक अनुभवों का सुंदर चित्रण मिलता है। बच्चों के लिए उन्होंने अनेक प्रेरणादायक और मनोरंजक कहानियाँ लिखीं, जिनमें मित्रता, साहस, ईमानदारी और जीवन के छोटे-छोटे अनुभवों को सहज शैली में प्रस्तुत किया गया है।

प्रमुख रचना – मात्रा और भार, अगली किताब, ज्योति रथ के सारथी तथा फीनिक्स।

नहीं होना बीमार Chapter 5 Summary

कहानी की शुरुआत तब होती है जब बच्चा अपनी नानी के साथ अपने पड़ोसी सुधाकर काका को अस्पताल में देखने जाता है। वहाँ का साफ-सुथरा वातावरण, शांत माहौल, नर्सों की सेवा और नानी द्वारा सुधाकर काका को प्यार से साबूदाने की खीर खिलाते हुए देखकर बच्चे को लगता है कि बीमार लोगों की तो बड़ी मौज होती है। उसे लगता है कि बीमारी में आराम मिलता है, स्वादिष्ट भोजन खाने को मिलता है और कोई काम भी नहीं करना पड़ता। इसी कारण वह मन ही मन सोचता है कि काश! वह भी बीमार हो जाए।

कुछ दिनों बाद जब उसका स्कूल जाने का मन नहीं करता और उसने गृहकार्य भी नहीं किया होता, तब वह बीमारी का बहाना बनाने का निर्णय लेता है। वह रजाई में लेट जाता है और नानी से कहता है कि उसके सिर और पेट में दर्द है तथा उसे बुखार भी है। नानाजी उसकी जाँच करते हैं, लेकिन उन्हें कोई बुखार नहीं मिलता। फिर भी वे उसे कड़वी दवा और काढ़े जैसी चाय पिलाते हैं तथा पूरे दिन आराम करने और कुछ भी न खाने की सलाह देते हैं।

दिनभर बिस्तर पर पड़े रहने से बच्चा ऊब जाता है। उसे बाहर गली की चहल-पहल, अपने दोस्त, स्कूल और खेल याद आने लगते हैं। उसे बहुत भूख लगती है, लेकिन खाने के लिए केवल कल्पनाएँ ही उसके साथ रहती हैं। वह तरह-तरह के स्वादिष्ट व्यंजनों खस्ता कचौड़ी, बर्फी, गोलगप्पे और सबसे अधिक साबूदाने की खीर के बारे में सोचता रहता है। जब वह चुपके से देखता है कि घर के बाकी लोग स्वादिष्ट भोजन और आम खा रहे हैं, तब उसे अपनी गलती का गहरा एहसास होता है।

दिन के अंत तक बच्चा समझ जाता है कि वास्तव में बीमार होना बिल्कुल भी सुखद नहीं है। बीमारी में न तो मनचाहा भोजन मिलता है, न खेलने की आज़ादी होती है और न ही मनचाहा जीवन जीने का अवसर मिलता है। उसे यह भी महसूस होता है कि स्कूल जाना और अपने मित्रों के साथ समय बिताना कहीं अधिक अच्छा है। अंत में वह दृढ़ निश्चय करता है कि अब वह कभी भी स्कूल से छुट्टी पाने के लिए बीमारी का झूठा बहाना नहीं बनाएगा।

कठिन शब्दों के अर्थ

कठिन शब्दअर्थ
अस्पतालरोगियों के इलाज का स्थान
भर्तीइलाज के लिए अस्पताल में रखा जाना
वार्डअस्पताल का वह भाग जहाँ मरीज रहते हैं
सिरहानाबिस्तर का सिर रखने वाला भाग
अभिवादननमस्कार करना, सम्मानपूर्वक प्रणाम
साबूदानासागो के पेड़ के गूदे से बनने वाला खाद्य पदार्थ
ठाठआराम और सुख-सुविधा का जीवन
होमवर्कगृहकार्य
गतिविधियाँहोने वाले कार्य या क्रियाएँ
अनुमानबिना देखे सोचकर पता लगाना
झपकीथोड़ी देर की हल्की नींद
कराहनादर्द के कारण धीमी आवाज़ निकालना
नब्जशरीर की धड़कन की गति
थर्मामीटरशरीर का तापमान मापने का यंत्र
पुड़ियादवा की छोटी कागज़ी पोटली
काढ़ाजड़ी-बूटियों से बना औषधीय पेय
मजबूरीविवशता, लाचारी
आहटहल्की आवाज़
ऊबबोरियत
रुआँसारोने जैसा भाव होना
बघारदाल या सब्जी में लगाया जाने वाला तड़का
झाँकनाछिपकर देखना
भुक्कड़बहुत अधिक खाने वाला व्यक्ति
कुड़नमन का दुःख और चिढ़
विकारदोष, बीमारी या अशुद्धि
चहल-पहलरौनक, लोगों की आवाजाही
ड्राईक्लीनरबिना पानी के कपड़े साफ करने वाला व्यक्ति
अरहरएक प्रकार की दाल (तुअर)
गुनगुनधीमी-धीमी आवाज़
स्वाद लेकरआनंदपूर्वक खाना

मुहावरे एवं उनका प्रयोग

मुहावराअर्थवाक्य में प्रयोग
सिर पर हाथ फेरनास्नेह करनानानीजी ने सुधाकर काका के सिर पर हाथ फेरा और उनका हालचाल पूछा।
हालचाल पूछनाकुशल-क्षेम जाननाहम अस्पताल जाकर बीमार व्यक्ति का हालचाल पूछते हैं।
झूठा बहाना बनानाअसत्य कारण बतानाराहुल ने स्कूल न जाने के लिए झूठा बहाना बनाया।
हाथ-पाँव पटकनाक्रोध या झुँझलाहट प्रकट करनाखिलौना न मिलने पर बच्चा हाथ-पाँव पटकने लगा।
दबे पाँव जानाबिना आवाज़ किए जानाबिल्ली दबे पाँव कमरे में घुस गई।
चुपके से झाँकनाछिपकर देखनाबच्चा दरवाजे से चुपके से झाँकने लगा।
झक मारनामजबूरी में निष्क्रिय बैठनाछुट्टी के दिन घर में झक मारते रहना पड़ा।
मुँह में पानी आनास्वादिष्ट भोजन देखकर खाने की इच्छा होनाजलेबी देखकर मेरे मुँह में पानी आ गया।
पेट में चूहे कूदनाबहुत तेज़ भूख लगनाखेलकर आने के बाद मेरे पेट में चूहे कूदने लगे।
भूखे पेट रहनाबिना भोजन किए रहनाबीमारी में उसे पूरे दिन भूखे पेट रहना पड़ा।
दिनभर पड़े रहनाकुछ काम न करनाछुट्टी के दिन वह दिनभर पड़ा रहा।
आँख लगनाहल्की नींद आनाकिताब पढ़ते-पढ़ते मेरी आँख लग गई।
जलन होनाईर्ष्या होनाभाई को आम खाते देखकर उसे जलन होने लगी।
मन ही मन सोचनाबिना बताए विचार करनाउसने मन ही मन अपनी गलती स्वीकार कर ली।
सबक मिलनाअनुभव से सीख मिलनाउस घटना से उसे जीवन का बड़ा सबक मिला।

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